चूरू, । 72 वें अखिल भारतीय सहकार सप्ताह के चौथे दिन सोमवार को चूरू सहकारी समितियां उप रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डीआर सुनील मांडिया ने बताया कि कार्यक्रम में सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक मदन लाल, विशेष लेखा परीक्षक निशा कुमारी, योगेश तिवारी, फतेहचंद सोती आदि मंचस्थ रहे।
उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप मनाया जा रहा है। जिले में सहकार सप्ताह के आयोजन के क्रम में कार्यक्रम का मुख्य विषय “राष्ट्रीय सहकारी नीति पारिस्थितिकी तंत्र, भारत की सहकारी समितियों का संरचित रोडमैप” था।
सीसीबी एमडी मदन लाल ने सहकारिता के क्षेत्र में नवीन राष्ट्रीय नीति 2025, सहकारी संस्थानों के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सहकारिता की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए।
फतेहचंद सोती ने सहकारी आंदोलन को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए ठोस सुझाव प्रस्तुत किए।
विशेष लेखा परीक्षक निशा कुमारी ने बताया कि सहकारिता केवल एक आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सामुदायिक विकास और सशक्तीकरण का आधार है। राष्ट्रीय सहकारी नीति द्वारा निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र आने वाले वर्षों में ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर सहकारी संस्थाओं को नई दिशा प्रदान करेगा। संचालन महेंद्र कुमार ने किया।


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