मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का युवा हितैषी निर्णय, युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य, मिलेगा 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण
चूरू, (मनीष कुमार सहायक जनसंपर्क अधिकारी)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है और उनके लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध करवाने के लिए तत्पर है। इसी क्रम में युवाओं को बेहतरीन अवसर उपलब्ध करवाने और युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रारंभ की गई है। हाल ही में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। योजना 31 मार्च, 2029 तक प्रभावी रहेगी।
प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाने का लक्ष्य
योजना का उद्देश्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाना है। इसी संदर्भ में राज्य के मूल निवासी युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवाने हेतु वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण, मार्जिन मनी, सीजीटीएमएसई फीस का पुनर्भरण कराने के उद्देश्य से योजना प्रारंभ की गई है। योजना से उद्यम व स्वरोजगार हेतु सुगम ऋण की उपलब्धता संभव होगी।
यह रहेगा योजना का स्वरूप
मुख्यंमत्री युवा स्वरोजगार योजना का क्रियान्वयन उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधीन जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्रों के माध्यम से किया जाएगा। योजना अन्तर्गत वित्तीय संस्थानों के माध्यम से विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार आधारित नवीन उद्यमों सहित स्थापित उद्यम के विस्तार, विविधीकरण या आधुनिकीकरण हेतु ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा, जिस पर राज्य सरकार द्वारा मार्जिन मनी तथा शत-प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं सीजीटीएमएसई फीस के पुनर्भरण के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना अन्तर्गत व्यक्तिगत आवेदक के साथ साथ संस्थागत आवेदक (एचयूएफ/सोसायटी/ भागीदारी फर्म/ एलएलपी फर्म/ कम्पनी/ स्वंय सहायता समूह) भी पात्र होंगे। योजनान्तर्गत उद्यम का स्थापना क्षेत्र राजस्थान राज्य होगा।
यह रहेगी योजना अंतर्गत पात्रता
योजना अंतर्गत आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष, एचयूएफ, सोसायटी, भागीदारी फर्म, एलएलपी फर्म एवं कम्पनी की स्थिति में उनका नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक होगा एवं संस्थान का 51 प्रतिशत या अधिक स्वामित्व 18 से 45 वर्ष के आयु के व्यक्तियों में निहित होना अनिवार्य होगा। लाभार्थी द्वारा इस योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने पर राज्य सरकार की अन्य योजना में भी पात्रतानुसार लाभ हेतु पात्र होंगे। इसी के साथ किसी वित्तीय संस्थान/बैंक का डिफाल्टर या दोषी पात्र नहीं होगा।
योजना अन्तर्गत राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्राधिकृत निजी क्षेत्र के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक तथा अनुसूचित स्मॉल फाईनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राजस्थान वित्त निगम, सिडबी, अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक एवं सेन्ट्रल कॉ-ऑपरेटिव बैंक आदि वित्तीय संस्थाएं ऋण उपलब्ध करवाने के लिए पात्र होंगी।
इसी के साथ योजनान्तर्गत लाभार्थी राजस्थान स्किल एंड लाइवलीहुड डवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरएसएलडीसी) के शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स में निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।
इतना मिलेगा ऋण व अनुदान
योजना अंतर्गत 08 वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपए एवं विनिर्माण क्षेत्र के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर 10 प्रतिशत व अधिकतम 35 हजार रुपए की मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। इसी क्रम में स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 05 लाख रुपए तथा विनिर्माण क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर 10 प्रतिशत व 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी सहायता दी जाएगी। योजना के तहत आवेदक द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर प्रथम बार स्वीकृत ऋण राशि पर ही ब्याज अनुदान देय होगा। इसके पश्चात वित्तीय संस्थान के स्तर से ऋण राशि में वृद्धि ब्याज अनुदान हेतु पात्र नहीं मानी जाएगी। वित्तीय संस्थान द्वारा प्रदत्त ऋण की समयावधि अधिकतम 5 वर्ष तक होगी। योजना में वित्तीय संस्थानों द्वारा प्रदत्त ऋण पर ब्याज अनुदान की अधिकतम अवधि प्रथम ऋण वितरण की तिथि से 5 वर्ष तक होगी।

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