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तकनीकी व कौशल के उपयोग से नौकरी देने वाले बनें युवा: सुराणा




नेशनल स्टार्टअप डे पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, जिले में कोड— चूरू में इनरोल बच्चों द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी मैनेजमेंट व आरआरआर सेंटर प्रबंधन की वेबसाइट की हुई लॉन्चिंग, कोड— चूरू में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 02 बच्चों को प्रदान किए लैपटॉप, जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने दिया मार्गदर्शन, तकनीकी नवाचार व उद्यमिता के लिए किया प्रेरित

 
चूरू, । जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा है कि युवा तकनीकी, कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए नौकरी देने वाले बनें। आज का समय विज्ञान, तकनीक और नवाचार का युग है। युवा अपने तकनीकी ज्ञान, कौशल और रचनात्मक सोच के सही दिशा में उपयोग करें तो वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। युवाओं को सोच को बढ़ाते हुए स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमिता को अपनाना चाहिए।


जिला कलक्टर सुराणा शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर राजकीय लोहिया महाविद्यालय परिसर में संचालित आई स्टार्ट इन्क्यूबेशन सेंटर में नेशनल स्टार्ट अप डे के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के  विज्ञान और तकनीक के युग में युवाओं को चाहिए कि वे तकनीकी ज्ञान, कौशल और उद्यमिता को अपनाते हुए केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। नवाचार और तकनीक के सही उपयोग से युवा अपने विचारों को साकार कर सकते हैं और समाज व देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

जिला कलक्टर ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कोड—चूरू जैसे कार्यक्रम कोडिंग व कम्प्यूटर दक्षता हासिल करने वाले विद्यार्थी इन्क्यूबेशन सेंटर जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर स्टार्ट अप की दिशा में बेहतरीन कार्य कर सकते हैं। स्टार्ट अप के दौरान विभिन्न वित्तीय सहायता के लिए भी सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ उठाएं। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सीडीईओ संतोष कुमार महर्षि ने जिले में कोड— चूरू कार्यक्रम व आरआरआर सेंटर की क्रियान्विति के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि युवा कौशल विकास पर फोकस करें और निरंतर मेहनत से अपने सपनों को साकार करें।
इन्क्यूबेशन सेंटर के मेंटर जमील खान ने स्टार्ट अप को लेकर प्रजेंटेशन दिया।

इस अवसर पर लोहिया महाविद्यालय प्राचार्य डॉ मंजू शर्मा, एसीपी नरेश कुमार, विनोद कुमारी ने भी विचार व्यक्त किए।  

इस दौरान गौरव शर्मा, भवानी, गुरप्रीत लबाना एवं कोड — चूरू कार्यक्रम में इनरोल विद्यार्थी मौजूद रहे।

लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम एवं आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) सेंटर प्रबंधन से संबंधित वेबसाइट की हुई लॉन्चिंग

इस अवसर पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा की अभिनव पहल पर जिले में चलाए जा रहे 'कोड —चूरू' कार्यक्रम में इनरोल विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम एवं आरआरआर सेंटर प्रबंधन से संबंधित वेबसाइट की लॉन्चिंग की गई।
गौरतलब है कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई लाइब्रेरी मैनेजमेंट सिस्टम वेबसाइट पर विद्यालयों की लाइब्रेरी में पुस्तकों की उपलब्धता व नाम आदि ऑनलाइन रूप से संधारित किया जाएगा। विद्यार्थी आसानी से पुस्तकों का शीर्षक चुनाव करके पुस्तक आहरण कर सकेंगे। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए जिले के सभी विद्यालयों के पुस्तकालयों में पुस्तकों की उपलब्धता को ऑनलाइन रूप से संधारित किया जाएगा।
इसी क्रम में जिला कलक्टर सुराणा की पहल पर जिले के विद्यालयों में शुरू किए गए आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल) सेंटर के प्रबंधन के लिए भी वेबसाइट लॉन्च की गई। वेबसाइट पर आरआरआर सेंटर पर विद्यार्थियों द्वारा जमा करवाए जाने वाले व उपलब्ध सामान का ऑनलाइन डेटा संधारित किया जाएगा, जिससे जरूरतमंद आवश्यकतानुसार आसानी से सामान ले सकेंगे। इन वेबसाइट्स के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों में पुस्तकालय संचालन को अधिक सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने के साथ-साथ आरआरआर सेंटर के प्रभावी प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। लक्ष्मी जांगिड़ और मयंक महर्षि ने वेबसाइट के बारे में प्रजेंटेशन दिया। स्थानीय स्टार्टअप फाउंडर ने भी अपने अनुभव साझा किए।

इस दौरान जिला कलक्टर ने कोड—चूरू कार्यक्रम अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राउमावि करेजड़ा से दीपिका एवं राउमावि भावनदेसर से परमेश्वरी को लैपटॉप प्रदान कर प्रोत्साहित किया।

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