चूरू, । नगरपालिका रतननगर अध्यक्ष निकिता गुर्जर ने कहा कि जरूरतमंद की सहायत करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होनें कहा कि भारतीय संस्कृति में जिस तरह तीज त्यौहारों का जहां अपना अलग ही महत्व वही अमावस्या के दिन को भी भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण दिवस माना गया है। इस दिन किये गये दान पुण्य के कार्य से न केवल कष्टों का निवारण होता है ब्लकि धार्मिक मान्यता भी सिद्ध होती है। पालिकाध्यक्ष निकिता गुर्जर मंगलवार को पर्यावरण प्रेमी, शिक्षक बाबुलाल तुनगरिया की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जरूरतमंद बालक-बालिकाओं को स्वैटर वितरण के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी। उन्होनें कहा कि भारतीय संस्कृति में अपने पुरूषार्थ से अर्जित धन से जरूरतमंद की सहायता करने की परम्परा प्राचीन काल से ही चली आ रही है और रतननगर कस्बे में भी ऐसे अनेक भामाशाह है जो समय-समय पर जरूरतमंदो की सहायत करते रहते है। उन्होनंे कहा कि हालांकि बसंत पंचमी के बाद सर्दी का असर कम होने लग जाता है लेकिन मार्च के अंत तक छोटे बच्चों पर सर्दी का प्रभाव बना रहता है। ऐसे में बच्चों को उपलब्ध करवाये गये ये स्वैटर निश्चित ही बच्चों का सर्दी से बचाव करेंगे। इस दौरान उन्होनें कहा कि कोरोना की तीसरी लहर का असर अभी गया नहीं है ऐसे में सभी बच्चों को मास्क आवश्यक रूप से पहन कर रखना है ताकि कोरोना को हरा सकें। इस दौरान उन्होनें उपस्थित सभी बच्चों एवं महिलाओं को मास्क भी वितरित किये। कार्यक्रम का संचालन पीआरओ किशन उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर शिक्षक एवं समाजसेवी राकेश कुमार, सफाई निरीक्षक पुरूषोतमलाल एवं जमादार अशोक कुमार भी उपस्थित थे।

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