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वंदे गंगा : जल संरक्षण जन अभियान प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में जन-जागरण का महत्वपूर्ण प्रयास




'वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान' अंतर्गत चूरू जिला मुख्यालय पर आपणी योजना कार्यालय में जल पूजन व जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम में श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, चूरू विधायक हरलाल सहारण, पूर्व जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, सीईओ श्वेता कोचर ने की शिरकत, दिलाया जल संरक्षण का संकल्प

चूरू,। 'वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान' अंतर्गत चूरू जिला मुख्यालय पर आपणी योजना कार्यालय में मंगलवार को जल पूजन व जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, चूरू विधायक हरलाल सहारण, पूर्व जिला उप प्रमुख महेंद्र न्यौल, सीईओ श्वेता कोचर, पीएचईडी प्रोजेक्ट एसई रमेश राठी, चूरू एसडीएम धीरज झाझड़िया, अभिषेक चोटिया, भास्कर शर्मा आदि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ने शिरकत की और सीडब्ल्यूआर पर जल पूजन कर जल व जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने पक्षियों के लिए परिंडे बांधे।

इस अवसर पर बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में जन-जागरण का महत्वपूर्ण प्रयास है। बढ़ते जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जल के संरक्षण एवं उसके विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाए। वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का संरक्षण तथा जल अपव्यय को रोकना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने जल स्रोतों को संरक्षित करना है ताकि वर्षा का पानी सहेजकर हम अपनी संस्कृति को जीवित रख सकें। हम सभी हरियालो राजस्थान अभियान से जुड़कर हरित राजस्थान की संकल्पना को साकार करें। अधिकाधिक वृक्ष लगाएं ताकि बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को कम किया जा सके। उन्होंने लोगों से सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अपनाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर हरित राजस्थान के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।

चूरू विधायक हरलाल सहारण ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते दोहन के कारण पारंपरिक जल स्रोतों पर संकट गहराता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढ़ियां हमें इसके लिए जिम्मेदार ठहराएंगी। उन्होंने पेयजल की बचत, कृषि हेतु ड्रिप सिंचाई के उपयोग तथा दैनिक जीवन में जल के मितव्ययता से उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जल संरक्षण के इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

सहारण ने कहा कि भागमभाग की जिंदगी में हमने जल संसाधनों का अधिकतम दोहन किया है। हमें अब इनके संरक्षण के लिए संकल्पित प्रयास करने होंगे। उन्होंने पानी के सांस्कृति व पौराणिक महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि हमने अभी से अपनी विरासत को नहीं सहेजा तो आने वाली पीढ़िया हमें कोसेंगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा  का आह्वान हैं, इसमें हम सभी भागीदार बनें व संकल्पित प्रयास करें।

अभिषेक चोटिया ने कहा कि जिस प्रकार गंगा मोक्षदायिनी मानी जाती है, उसी प्रकार पानी जीवनदायी होता है। हम अपने सांस्कृतिक परंपराओं को सुदृढ़ करते हुए जल स्रोतों का संरक्षण करें। हमारी समृद्ध विरासत को सहेजना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त अभियान में सहभागिता निभाने, कपड़े के थैलों का उपयोग बढ़ाने तथा पारंपरिक जल संरचनाओं जैसे कुंडों के निर्माण एवं संरक्षण पर जोर दिया।
 
पीएचईडी एसई चुन्नीलाल भास्कर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए वंदे गंगा: जल संरक्षण जन अभियान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। पीएचईडी प्रोजेक्ट एसई रमेश राठी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम के दौरान सुभाष नेहरा, विकास अधिकारी कैलाश पचारिया, सुरेश सारस्वत, धर्मेंद्र राकसिया, गोपाल बालाण, रवि दाधीच, सुनीज ढाका, हरीश वर्मा, अनुराग, सुशील, पुरखाराम, लीलाधर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी एवं नागरिक उपस्थित रहे। 

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