चूरू, । ज्ञान भारत संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के क्लस्टर सेंटर विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर में आयुर्वेद अनुसंधान संगोष्ठी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयुर्वेद के प्राचीन एवं हस्तलिखित ग्रन्थों पर शोध, संरक्षण और प्रकाशन के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। मीटिंग के प्रारंभ में डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने इस मीटिंग की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। संस्थान के उपाध्यक्ष एवं समन्वयक महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी महाराज ने बताया कि भारत की प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है, किंतु अनेक दुर्लभ ग्रन्थ आज भी पाण्डुलिपि रूप में अप्रकाशित पड़े हैं। इन ग्रन्थों के संरक्षण, अध्ययन तथा प्रकाशन के उद्देश्य से आयुर्वेद विद्वत् परिषद” के गठन का निर्णय लिया गया। इस नवगठित परिषद में आयुर्वेद क्षेत्र के विद्वानों को शामिल किया गया है, जिनमें वैद्य गोपीनाथ पारीक, वैद्य वालकृष्ण गोस्वामी, डॉ. सुरेश कुमार शर्मा तथा डॉ. बृज किशोर मिश्रा प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह परिषद आयुर्वेद के दुर्लभ एवं अप्रकाशित ग्रन्थों पर शोध, संपादन तथा प्रकाशन का कार्य करेगी, जिससे आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके। बैठक में जयप्रकाश शर्मा, अवधेश वशिष्ठ, सौरभ शर्मा, बृजेश वशिष्ठ, रामप्रसाद सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने किया।
आयुर्वेद के प्राचीन हस्तलिखित ग्रन्थों पर होगा शोध आयुर्वेद विद्वत् परिषद का गठन
3/16/2026 10:37:00 am
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चूरू, । ज्ञान भारत संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के क्लस्टर सेंटर विश्वगुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर में आयुर्वेद अनुसंधान संगोष्ठी को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आयुर्वेद के प्राचीन एवं हस्तलिखित ग्रन्थों पर शोध, संरक्षण और प्रकाशन के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। मीटिंग के प्रारंभ में डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने इस मीटिंग की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। संस्थान के उपाध्यक्ष एवं समन्वयक महामण्डलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी महाराज ने बताया कि भारत की प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है, किंतु अनेक दुर्लभ ग्रन्थ आज भी पाण्डुलिपि रूप में अप्रकाशित पड़े हैं। इन ग्रन्थों के संरक्षण, अध्ययन तथा प्रकाशन के उद्देश्य से आयुर्वेद विद्वत् परिषद” के गठन का निर्णय लिया गया। इस नवगठित परिषद में आयुर्वेद क्षेत्र के विद्वानों को शामिल किया गया है, जिनमें वैद्य गोपीनाथ पारीक, वैद्य वालकृष्ण गोस्वामी, डॉ. सुरेश कुमार शर्मा तथा डॉ. बृज किशोर मिश्रा प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह परिषद आयुर्वेद के दुर्लभ एवं अप्रकाशित ग्रन्थों पर शोध, संपादन तथा प्रकाशन का कार्य करेगी, जिससे आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके। बैठक में जयप्रकाश शर्मा, अवधेश वशिष्ठ, सौरभ शर्मा, बृजेश वशिष्ठ, रामप्रसाद सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने किया।


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