जिला कलक्टर ने कहा कि कोष कार्यालयों के माध्यम से सभी प्रकार के भुगतान, बिलों के निस्तारण और वित्तीय अभिलेखों के संधारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं व कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोष कार्यालयों में आने वाले बिलों और प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया जाए तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। साथ ही वित्तीय अनुशासन का पूर्ण रूप से पालन करते हुए लेखा संबंधी कार्यों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संपादित किया जाए।
बैठक में उन्होंने कोष कार्यालयों के माध्यम से संचालित वित्तीय लेखों व कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं तथा लेखा संबंधी व्यवस्थाओं, अधीनस्थ उपकोष कार्यालयों के भवन निर्माण आदि बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।


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