राजाबल के दरबार में मची होली रे....,
गढ़ चैराहे पर फाल्गुन की मस्ती में झूमें रसियेचूरूः स्थानीय गढ़ चैराहे पर शुक्रवार शाम को फागोत्सव का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ लोक संस्कृति के पुरोधा स्व. सुबोध अग्रवाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर किया गया। बूंटीनाथ आश्रम के महंत निरंजन नाथ व झारिया धाम के आकाश नाथ महाराज के सानिध्य में हुए कार्यक्रम में कलाकारों ने चंग की थाप पर जमकर नृत्य किया। रमाकान्त भाऊवाला, अजीत, नमन, मानव, मानस व पंकज ने आगंतुक संतो का सम्मान किया। इस अवसर पर लोक कलाकार बाँसुरी वादक राजेश सैनी, नगारा वादक सुनील व्यास, गायकार राकेश दाधीच, नीरज गौड़, इंतजार, उमेश दाधीच सहित अनेक कलाकारों ने होली की धमालों से कार्यक्रम में समां बांध दिया। इस अवसर पर कलाकारों ने होळी आई रे....., राजाबल के दरबार में मची होली.....उड़ती पूर्वईया संदेशो म्हारो लेती जाज्यो...., रुत आई रे पपीहा तेरे बोलण की और ‘रंग झीणौ रै राठौड़ा थारी महफिल रो’ आदि लोक गीतों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये। इस अवसर पर सुनील भाऊवाला ने कहा कि हमारी संस्कृति को जीवित रखना ही असली सेवा है। इस अवसर पर बालकिशन राजगढिया, योगेश शर्मा, नारायण घाघूं, सांवरमल गहनोलिया, किशन सारस्वत, अमन सारस्वत, उमाशंकर शर्मा, पवन महनसरिया, हनुमान आदित्य, मोतीलाल सोनी, गिरीश भावनानी, जगदीश शर्मा, दीनदयाल सैनी, विनोद बागला सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य जन उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ