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दुर्लभ बीमारियों के ग्रस्त बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना




मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक— बालिकाओं को दे रही संबल, 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को  प्रमाणीकरण के आधार पर 50 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज व प्रतिमाह 05 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

चूरू, । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रत्येक वंचित और पात्र व्यक्ति के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वंचित व्यक्ति तक स्वास्थ्य व संबल सुनिश्चित कर रही है।  इस दिशा में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए सहारा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
योजना अंतर्गत दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित 18 वर्ष तक की आयु के बालक— बालिकाओं को प्रमाणीकरण के आधार पर 50 लाख रुपए तक का नि:शुल्क इलाज व प्रतिमाह 05 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देय है।

उद्देश्य — हर जरूरतमंद तक पहुंचे सहायता

योजना का उद्देश्य दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बालक—बालिकाओं को समुचित ईलाज, देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर संबल प्रदान करना है। योजना से राज्य के ऐसे बालक / बालिका जो दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है, उनको समुचित ईलाज, देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति के लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के प्रावधान को सुनिश्चित करना और ऐसे बालक/बालिका एवं उनके परिवारों को समय पर पात्रतानुसार निरन्तर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर उन्हें सम्बल प्रदान करना है।

पात्रता व देय लाभ
 
योजनान्तर्गत दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक— बालिका को 05 हजार रुपए प्रतिमाह प्रति बालक— बालिका सहायता राशि तथा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक/बालिका को रुपए 50 लाख तक का उपचार निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है।
योजना अंतर्गत पात्र बालक— बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए व आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी अथवा तीन वर्ष से अधिक समय से राज्य में निवासरत होने का प्रमाण— पत्र आवश्यक है। (जनाधार से प्रमाणीकरण होने पर पृथक से इन दस्तावेजों को अपलोड करने की आवश्यकता नहीं होगी।)
इसी के साथ सक्षम चिकित्सा अधिकारी द्वारा दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने के प्रमाणन के आधार पर ऐसे बालक / बालिका आर्थिक सहायता के पात्र होंगे। दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक—बालिका योजनान्तर्गत वर्णित अनुदान/आर्थिक सहायता के अतिरिक्त भारत सरकार व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के तहत् लाभ के पात्र हो सकेंगे और बालक— बालिका के माता-पिता/पालनकर्ता के लिए आय सीमा लागू नहीं होगी।
इसी क्रम में दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बालक— बालिका का बीमारी से स्थायी रूप से ठीक हो जाने की स्थिति अथवा मृत्यु होने की स्थिति में देय आर्थिक सहायता निरस्त की जा सकेगी।

यह रहेगी आवेदन प्रक्रिया

योजनान्तर्गत पालनकर्ता द्वारा बालक—बालिका के दुर्लभ बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में जनाधार नंबर से ई-मित्र अथवा एसएसओ आईडी के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। आवेदनकर्ता एवं बालक/बालिका की सामान्य / पारिवारिक जानकारी आधार एवं जनाधार पोर्टल से प्राप्त की जाएगी एवं जो वांछित सूचना/ दस्तावेज पोर्टल से प्रमाणित / उपलब्ध नहीं होंगे, उनको पोर्टल पर अपलोड करवाना होगा।

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