फतेहपुर शेखावाटी,(रोशन जमीर)। स्थानीय भरतिया कृषि विज्ञान केन्द्र श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विष्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा संचालित दो दिवसीय कृषक प्रषिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिषन योजनान्तर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर केन्द्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. लालाराम ने कृषको को खेती में लागत कम करने के लिए उपलब्ध संसाधनों के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए जैविक खेती को बढावा देने हेतु कृषि व पशुपालन की नवीनतम तकनीकियां अपनाने पर जोर दिया। पादप रोग विषेषज्ञ डॉ मुदसर खान ने रबी फसलों में लगने वाले प्रमुख रोगों व कीटों का समन्वित नियन्त्रण के लिए जैविक मित्र फफूंद, नीम, आक, धतुरा से निर्मित जैव-कीटनाषियों के प्रयोग करने की सलाह दी। डॉ इस्तियाक खान व डॉ गौरी शकर, पषु चिकित्सक, भेड प्रजनन फार्म ने पषुपालकों को सर्दी के मौसम में सर्दी के बचाव के उपाय बताए साथ ही संतुलित आहार प्रबंधन की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। केन्द्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. लालाराम ने नई उन्नत किस्मों के प्रचार प्रसार करने तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए उचित पोषक तत्व प्रबन्धन के लिए घुलनषील उर्वरकों के पर्णीय छिडकाव के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। डॉ जितेन्द्र कुमार ने ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम से कम तथा जैविक खादों का उपयोग अधिक करने पर जोर दिया ताकि हमारे खेतों की उर्वरकता बनी रहे। फतेहपुर ब्लाक के कृषि पर्यवेक्षक मुकेष कुमार, छोटु राम, ममता बाजिया व हंसा यादव, ने कृषि की योजनाओं तथा जैविक खेती के महत्व पर चर्चा करते हुए जैविक जीवामृत, वेस्ट-डिकम्पोजर बनाने व प्रयोग करने के लिए प्ररित किया। अंत में षस्य वैज्ञानिक डॉ. लालाराम ने केवीके पर मौजूद विभिन्न इकाईयों की विस्तार से जानकारी दी व साथ ही सभी को भ्रमण भी करवाया । इस प्रषिक्षण कार्यक्रम में फतेहपुर व रामगढ ब्लाक के 30 कृषकों ने भाग लिया।
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