बीदासर (महेश भोभरिया) निकटवर्ती गाँव धोरा की ढाणी स्थित गोरखधूणा पर संत पं. रेंवतीरमण के आश्रम पर महाशिवरात्रि के उपलक्ष में रूद्र महायज्ञ समिति के तत्चाधान में 108 कुण्डीय महायज्ञ बुधवार को यज्ञाचार्य पं. चन्द्रशेखर दाधीच के वैदिक मंत्रोंच्चार के साथ शुरू हुआ। यज्ञ में 111 पंडितों के साथ 324 जोड़ों ने एक साथ आहुतियाँ दी। यज्ञ के साथ यज्ञ स्थल के पास प्रात भागवत कथा का शुभारम्भ पं. नोरतमल शर्मा ने करते हुये कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं इस अवसर पर उन्होने भागवत के महातम्य पर प्रकाश डाला। वही दोपहर में शिवपुराण कथा का वाचन कथावाचक पं० धनश्याम शर्मा तथा रामकथा का पं. हनुमान मल शर्मा ने वाचन किया। धार्मिक आयोजन के चलते ढाणी का वातावरण धर्ममय बना गया है। यज्ञ को लेकर यज्ञस्थल के पास पाण्डालों में अस्थायी दुकानें भी लग गई है। प्रथम दिन यज्ञ के शुभारम्भ पर सैकड़ो श्रद्धालुओं ने पहुंचकर यज्ञ के दर्शन किये। तथा भंजन किर्तन करते हुये यज्ञशाला की परिक्रमा की। उल्लेखनिय है कि पण्डित रेंवतीरमण के आश्रम पर वर्ष 1997 से लगातार शिवरात्रि के उपलक्ष में रूद्र महायज्ञ हो रहा है, यह 28वां रूद्र महायज्ञ है। इस वर्ष यज्ञ के साथ 108 शिवलिंग का अभिषेक भी हुआ। जो प्रतिदिन जारी रहेगा।


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