चूरू नगरपरिषद् सभापती द्वारा दिये गये झुठे बयान के विरोध में नगरपरिषद् नेता प्रतिपक्ष विमला गढ़वाल व पूर्व जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा के नेतृत्व में भाजपा पार्षदो ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में आरोप लगाया कि गुरूवार को नगरपरिषद् की साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें मुख्य रूप से ऐजेन्डा था कि चूरू मे चौधरी स्व. कुंभाराम आर्य व सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव था जिसका सभी भाजपा पार्षदो ने सर्व सम्मती से स्वागत करते हुऐ अपनी सहमती प्रदान करते हुऐ सुझाव दिया कि इन महापुरूषो के साथ चूरू की स्थापना करने वाले चूहरूराम जाट की प्रतिमा भी चूरू में स्थापित की जाये परन्तु चूरू नगरपरिषद् की सभापती ने एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा पार्षदो ने चौधरी कुंभाराम आर्य की प्रतिमा लगाने का विरोध किया है जो कि सरासर गलत बयान है क्योंकि भाजपा हमेशा इन महापुरूषो के प्रति सम्मान का भाव रखती है। और इनको अपना आर्दश मानती है। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष बसंत शर्मा ने कहा कि नगरपरिषद् कि साधारण सभा में केवल मात्र उपर के बिन्दुओ पर चर्चा करके बाकी के सभी एजेन्डांे को बिना चर्चा के ही पास कर दिया जिसपर भाजपा पार्षदो ने विरोध किया एवम् बिन्दु क्रमांक 10 व 11 का विरोध किया क्योंकि इसमें विभिन्न वित्तिय स्वीकृति का प्रस्ताव था जिसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। उन्होने कहा कि नगरपरिषद् की सभापती का यह गलत बयान करना निदंनिय है क्योंकि भाजपा के लिए यह दोनो ही महापुरूष आदरणीय है भाजपा ने तो केवल इन महापुरूषो के साथ चूरू के संस्थापक रहे चूहरूराम जाट की प्रतिमा लगाने के लिए आग्रह किया था नगरपरिषद् नेता प्रतिपक्ष विमला गढ़वाल ने कहा कि चूरू नगरपरिषद् भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और नकारात्मक राजनिति पर उतर आई है। इस अवसर पर पार्षद अनवर थीम, लिखमीचन्द प्रजापत, भागीरथ सैनी, मेघराज भार्गव, ममता जोशी, राकेश दाधीच, लक्ष्मीदेवी, असलम डायर, शशिकला, जगदीश मेधवाल, राकेश थालोड़, भंवर गुर्जर, अनिल अजाड़ीवाल, मोहनलाल गढ़वाल, देशराज, सुमन, चन्द्रकला, आनन्द रैगर सहित अनेक पार्षद उपस्थित थे।


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