चूरू । कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ महेश शर्मा ने बताया कि डॉ. अर्चना शर्मा द्वारा अपने निजी अस्पताल आनन्द हॉस्पीटल लालसोट जिला दौसा में चौथी बार प्रसव धारण की हुई महिला का ऑपरेशन किया गया था ऑपरेशन के बाद महिला के प्रसव से 'सम्बन्धित कॉम्पलिकेशन भंयकर रक्त स्त्राव होने से प्रसूता को 02 घंटे मेहनत कर ईलाज करने के उपरान्त भी बचाया नहीं जा सका। जिसका हमें दुख है। तत्पश्चात महिला के परिजनों, समाज कटको एवं मीडिया के दबाव में डॉ. अर्चना शर्मा पर हत्या का केस पुलिस द्वारा दर्ज किया गया तथा महिला चिकित्सक को विभिन्न प्रकार की धमकिया जैसे जान से मारने, पैसे की मांग की गई तथा अस्पताल को बन्द करने की धमकिया दी गई। जिससे महिला चिकित्सक मानसिक रूप से इतनी प्रताडित हुई की उसने अपने आप को बेगुनाह साबित करने के लिये आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। जिसका उल्लेख उसने अपने सुसाइड नोट में किया था जिसमें एफ.आई.आर. में धारा 306, 384,388 के तहत आरोपीयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आई.एम.ए. चूरू एवं चिकित्सको के अन्य संगठन यह मांग करते है कि एफ.आई.आर. में दर्ज समाज कटक शिवशंकर जोशी, एवं चिकित्सक पर 302 धारा लगाने वाले पुलिस ऑफिसर पर एवं मीडिया में चिकित्सक के खिलाफ दुस्प्रचार करने वाले पत्रकार पर 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जावें तथा दौसा के एस.पी. को निलबिंत किया जायें ऐसी घटनाओं की पुर्नावर्ती ना हो जिसके के लिये पुलिस महानिदेशक को निर्देशित किया जाये तथा आई.एम.ए. चूरू आज सुबह 9:00 से 11:00 बजे तक कार्य बहिष्कार करती है तथा हमारी मांगे नहीं मानी गयी तो कल प्रातः 9:00 बजे अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने हेतु मजबुर होना पड़ेगा इस अवसर पर आईएमए अध्यक्ष डॉ महेश शर्मा, महासचिव आई.एम.ए. बीएल नायक व कोषाध्यक्ष डॉ दीपक सिंह आदि सहित सैकड़ों चिकित्सक व चिकित्सा कर्मी ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसी प्रकार जिला निजी स्वास्थ्य संघ ने भी जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा । संघ के सचिव बलवीर सिंह झाझड़िया ने बताया कि लालसोट घटना में स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा प्रसव के दौरान मृत्यु हो जाने पर महिला चिकित्सक डा. अर्चना शर्मा उपाध्याय के खिलाफ हत्या का मुकदमा U/5 302 PC दर्ज किया गया जो की सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। हत्या का मुकदमा दर्ज होने के कारण एवं असामाजिक तत्वों द्वारा अराजकता, असंवैधानिक दबाव के कारन महिला चिकित्सक आत्महत्या करने को मजबूर हो गयी। यह पुलिस प्रशासन की असंवैधानिक कार्यवाही का नतीजा है। इस दुखद घटना पर त्वरित कार्यवाही के समस्त पुलिस अधिकारीयों को निलंबित करें अवं सामाजिक अराजक व्यक्तियों को गिरफ्तार करें अन्यथा राजस्थान प्रदेश का समस्त चिकित्सक अनंतकाल तक आंदोलन करेगा और सम्पूर्ण मेडिकल बंद का आहवान करेगा।

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