चिकित्सा विभाग के लक्ष्य कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने दी लक्ष्य कार्यक्रम की जानकारी
चूरू, । जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने कहा है कि चिकित्सा संस्थान के लैबर रूम के लिये संचालित राष्ट्रीय लक्ष्य कार्यक्रम के तहत सर्टिफाइड होने के लिये आवश्यक सुधार करने होंगे। उन्होंने लक्ष्य कार्यक्रम के तहत चयनित चिकित्सा संस्थान के प्रभारियों को आगामी छह माह में सर्टिफाइड होने के लिए टारगेट पूरा करने के निर्देश दिये।
जिला कलक्टर शुक्रवार को राजकीय नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में आयोजित लक्ष्य कार्यक्रम समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लक्ष्य कार्यक्रम में सर्टिफाइड होने से चिकित्सा संस्थान के लैबर रूम में गुणवत्ता पूर्ण सुधार हो सकेगा। लक्ष्य कार्यक्रम के स्टेट नोडल अधिकारी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. तरूण चौधरी ने बताया कि जिले मे लक्ष्य कार्यक्रम के तहत अधिक डिलेवरी वाले 9 राजकीय चिकित्सा संस्थान जुड़े हुये हैं। सभी चिकित्सा संस्थान में लैबर रूम की सुविधा विस्तार व साफ-सफाई सहित आठ बिंदुओं पर बदलाव की आवश्यकता है। उन्होेंने बताया कि लक्ष्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थान पर राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा टीम के द्वारा निरीक्षण किया जाता है। चिकित्सा संस्थान के आठ बिन्दुओं पर निरीक्षण के दौरान 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर लक्ष्य सर्टिफाइड किया जाता हैं। जिससे चिकित्सा संस्थान को तीन वर्ष तक लगातार तीन लाख रूपये लैबररूम सुविधा विस्तार के मिलते है। चिकित्सा संस्थान को मिलने वाली राशि में से 25 प्रतिशत राशि लैबर रूम चिकित्सा स्टाफ का इंसेटिव भी दिया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि जिले में नौ चिकित्सा संस्थान जिसमें जिला अस्पताल, उप जिला अस्पाल सुजानगढ़ व रतनगढ़, सीएचसी राजगढ़,सरदारशहर , साहवा, तारानगर, पीएचसी चाड़वास व युपीएचसी भादरजी का कुंआ लक्ष्य कार्यक्रम में चयनित है। उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थान प्रभारियों व लैबर रूम इंचार्ज को जल्द से जल्द मापदंड पूरे कर सर्टिफाइड होने के निर्देश दिये। इस दौरान जिले के लक्ष्य कार्यक्रम प्रशिक्षक हैल्थ मैनेजर अनुज शर्मा ने बताया कि आठ बिंदुओं में लैबर रूम में सर्विस प्रोविजन, पेशेंट राईट, इंपुटस, सपोर्ट सर्विस, क्लिनिकल सर्विस, इंफेक्शन कंट्रोल व क्वालिटी मैनेजमेंट को शामिल किया गया है।
समीक्षा बैठक में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विश्वास मथुरिया, सीकर से दक्षता मेंटर डॉ. सावित्री, एएनएमटीसी के अधीक्षक बजरंग हर्षवाल सहित गायकोनोलोजिस्ट, लैबर रूम इंचार्ज व नर्सिंग स्टॉफ मौजूद रहे।

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