शिक्षक संघ शेखावत के प्रांतीय आह्वान पर शिक्षकों ने किया उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन
सरदारशहर। मुन्नालाल राव
राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रांतीय आह्वान पर आज प्रदेश के तमाम उपखंड कार्यालयों पर शिक्षकों की ज्वलंत मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किए गए। सरदारशहर एसडीएम कार्यालय पर अध्यक्ष गौरीशंकर सिहाग व मंत्री अमरचंद सांडेला के नेतृत्व में शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया व उपखंड अधिकारी के मार्फत मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।
इससे पूर्व आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष विजय पोटलिया ने कहा कि एकजुट व सफल नेतृत्व के आंदोलन से ही सफलता मिलती है, यह पुरानी पेंशन लागू होने से स्पष्ट होता है। लेकिन अभी भी प्रदेश के लाखों तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से स्थानांतरण की बाट जो रहे हैं। सरकार यथाशीघ्र स्थानांतरण नीति बनाकर स्थानांतरण करे। जिला कोषाध्यक्ष श्रीनाथ बरोड़ ने कहा कि पीडी मद का बजट एकमुश्त जारी करे। इसके आहरण व वितरण का अधिकार पीईईओ को दिए जाएं। तहसील अध्यक्ष गौरीशंकर सिहाग व मंत्री अमरचंद सांडेला ने कहा कि संगठन के मांग पत्र पर यदि सरकार ने गंभीरता से समाधान नहीं किया तो संगठन को मजबूरन राज्यव्यापी प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
कार्यक्रम में दुलाराम सारण, गौरीशंकर माहिच, रेसला अध्यक्ष जयदेव सिंह व मंत्री श्रवण कुमार सहू, सुरेश कुमार मीणा, डॉ दिलीप चौधरी, धर्मचंद जाट, भंवर लाल, गौरीशंकर बाना, रामप्रताप चाहर, जयचंद चीनिया हेमराज सिहाग, मदनलाल पीटीआई, शुभकरण सैनी, हनीफ खान, रामावतार पारीक, रामलाल मूंड, विनय शर्मा, संदीप ढाका, प्रभु सिंह, बलवीर तेतरवाल, टेकचंद जोईया, सुखप्रीत, सत्यनारायण बरोड़, इंद्राज माहिच, ललित कड़ेला, राजूराम शर्मा, विनोद गोदारा, मोहनलाल, खिरराजा राम, भागीरथ चाहर आदि सैकड़ों शिक्षक उपस्थित हुए।
प्रमुख मांगे
1. पारदर्शी व स्थाई स्थानांतरण नीति लागू की जाए
2. नव क्रमोन्नत विद्यालयों में आवंटित सभी पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी की जाए
3. फिक्स वेतन के स्थान पर नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान दिया जाए।
4. समस्त प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त रखा जाए
5. पीडी मद का बजट एकमुश्त जारी किया जाए और इसके आहरण व वितरण का अधिकार पीईईओ को दिया जाए।
6 प्रबोधकों की शिक्षकों के समान नियमित डीपीसी की जाए।
7. पैराटीचर, शिक्षा सहयोगी, शिक्षा कर्मी व पंचायत सहायकों को स्थाई किया जाए।
8. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथिन, आशा सहयोगिनी का मानदेय ₹18000 किया जाए।
9. संस्कृत शिक्षा विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
10. 2007 के बाद नियुक्त तृतीय श्रेणी अध्यापकों की वेतन विसंगति दूर की जाए।
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