Type Here to Get Search Results !

मान्यता प्राप्त इंजीनियरों को दिया मशीन में कमी निकालने का चैलेंज

 

ईश्वर ने चाइना और ताइवान को मात दी, फिर भी सहयोग नहीं कर रही है सरकार

चूरू।  जिले के बुचावस निवासी बिरूराम जांगिड़ के पुत्र ईश्वर राम जांगिड़ ने साढ़े चार लाख रुपए में रिपसाव महीन बनाकर चाइना और ताइवान को मात दी है। चाइना और ताइवान से 9 लाख रुपए से लेकर 16 लाख रुपए में यहां आती है, फिर भी कोई सरकार सहयोग नहीं कर रही है। यह मशीन लकड़ी का फेस बनाने के काम आती है। हैंडी क्राफ्ट के सभी कारखानों के लिए रिपसाव मशीन जरूरी है। ईश्वर राम जांगिड़ ने बताया कि चाइना और ताइवान से आने वाली मशीन साढ़े 14 एचपी से शुरू होती है, जबकि उनकी मशीन साढ़े 5 एचपी से शुरू होती है। जांगिड़ ने बताया कि उनकी मशीन में पीयू बेल्ट लगा है, जो पांच साल चलता है और 20 हजार रुपए कीमत है। चाइना और ताइवान की मशीन में चैन लगी है, जो साढ़े तीन लाख रुपए में आती है और तीन साल में ही घिस जाती है। जांगिड़ ने कहा कि चाइना और ताइवान से रिपसाव मशीन की चैन 180 लीटर मोबिल ऑयल खा जाती है। जबकि जांगिड़ की मशीन को सिर्फ 5 लीटर ही मोबिल ऑयल चाहिए। उन्होंने दो माह में तीन मशीनें तैयार की हैं। सरकार की उदासीनता के कारण वे कुछ नहीं कर पा रहे हैं। जांगिड़ ने कहा कि सरकारें उनका कोई सहयोग नहीं कर रही हैं। सरकार सहयोग करे तो वे 18 प्रतिशत की बजाय 36 प्रतिशत टैक्स देने के लिए तैयार हैं। जांगिड़ ने कहा कि जोधपुर में 25 प्रतिशत कच्चा माल मिल जाता है और तैयार माल बिक जाता है। उन्होंने कहा कि चूरू में ना तो कच्चा माल मिलता था और ना तैयार माल बिकता था। जांगिड़ ने कहा कि यहां सरकार पूरा सहयोग कर दे तो वे एक माह में 15 मशीनें तैयार कर सकते हैं।  पहली मशीन तैयार करने में 9 माह लगे थे। जांगिड़ ने कहा कि कोई भी मान्यता प्राप्त इंजीनियर उनकी बनाई मशीन में कमी नहीं निकाल सकता। जांगिड़ 4 वर्ष चूरू में कार्य करके गत दो साल से जोधपुर में कार्य कर रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ