राशन डीलरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपखंड कार्यालय के आगे दिया धरना
, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सरदारशहर। मुन्नालाल राव
तहसील के समस्त राशन डीलरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को उपखंड कार्यालय के आगे धरना देकर जमकर नारेबाजी की। राजस्थान प्रदेश राशन डीलर संघर्ष समिति के प्रदेश सहसंयोजक एवं तहसील संयोजक विक्रमसिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान राज्य में कार्यरत 27 हजार राशन डीलर अपना कार्य ईमानदारी व मेहनत के साथ संपादित कर रहे हैं। इनके समक्ष व्यवस्थाओं में उत्पन्न होने वाली कुछ खामियां एवं संबंधित अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण राशन डीलर अवसाद में है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली डिजिटल है एवं पूर्ण ईमानदारी के साथ वितरण कार्य हो रहा है। वर्तमान कमीशन में डीलर के परिवार का निर्वहन होना बहुत ही मुश्किल है। इस संबंध में पिछले 5 वर्षों से राजस्थान सरकार और खाद्य विभाग से लगातार मांग कर रहे हैं। परंतु अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई है। इस संबंध में निवेदन है कि 5 साल पहले भारत सरकार की सहमति एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम द्वारा गेहूं, चीनी, केरोसिन व अन्य सामग्री पर छीजत का प्रावधान था। लेकिन पोस मशीन में उसको नहीं रखा गया है। जिसके कारण हम राशन डीलरों को बहुत नुकसान हो रहा है और कम होने वाले सामान का भौतिक सत्यापन के दौरान स्टॉक कम पड़ता है। विभागीय अधिकारी कानूनी कार्रवाई करते है। यहां तक कि एफआईआर भी दर्ज करवा देते हैं। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग करते हुए कहा कि पोस मशीन में छीजत का प्रावधान लागू किया जाए एवं भारत सरकार द्वारा हाल ही में राज्य सरकार को भी छीजत दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते छीजत का प्रावधान लागू नहीं किया गया है। जिसको लागू किया जाए।
भारत सरकार द्वारा गठित आयोग कमेटी की सिफारिश को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अनुकंपात्मक नियुक्ति में गत बजट में कुछ बिंदुओं पर शिथिलता प्रदान की गई थी। मृतक उचित मूल्य दुकानदार की 60 साल उम्र की बाध्यता को विलोपित किया जाए। मृतक आश्रित की शैक्षणिक आरएससीआईटी योग्यता सहित अन्य बिंदुओं को भी विलोपित किया जाए। वर्तमान परिपेक्ष में राशन डीलरों से राशन वितरण कार्य के अलावा सरकार के द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य राशन डीलरों से करवाए जा रहे हैं। राशन डीलर भर्ती में योग्यता स्नातक व आरएससीआईटी, दो संतान जैसे नियम बना रखे हैं तो सरकार क्यों नहीं हमें राजकीय कर्मचारी घोषित करती है।
जिन राशन डीलरों के पास योग्यता का अभाव है तो ऐसे डीलरों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर योग्यता धारी उनके वारिसों को राजकीय कार्मिक की नियुक्ति दी जाए। वर्तमान में परिपेक्ष में राशन डीलर का मानदेय के साथ 300 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन में वृद्धि की जाए। इसी के सहित कुल 10 सूत्री मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय के आगे धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। राशन डीलरों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो 18 अप्रैल 2022 को राजस्थान के तमाम 27 हजार उचित मूल्य दुकानदार एवं उनके परिवार मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और फिर भी मांगे नहीं मानी जाती है तो 19 अप्रैल 2022 से अनवरत अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जयपुर मुख्यालय पर किया जाएगा। उपभोक्ताओं में होने वाली समस्याओं के लिए राशन डीलरों ने माफी मांगते हुए कहा कि उसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर तहसील संयोजक विक्रम सिंह, शहर संयोजक राजकुमार शर्मा, तहसील सह संयोजक दुलाराम मेहरी, अशोक शर्मा, भंवरलाल शर्मा, बाबूलाल पारीक, महेंद्र, सहदेव, जिला सह संयोजक हनुमान सारण, यासीन खान, शंकर माली, भवानीशंकर शर्मा, सुगनाराम बेजासर, साहबराम, भंवरलाल शर्मा मेलुसर, राजू पंडित, रामनिवास शर्मा सहित बड़ी संख्या में राशन डीलर धरने पर बैठे और ज्ञापन दिया।


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