झुंझुनूं के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की सतर्कता की भी पोल खुली
मलसीसर के मेडिकल ऑफिसर अनुज को अवगत करवाने पर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया
मलसीसर,(Report- Rajendra Shekhawat) । अलसीसर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बाडेट के गांव ख्याली के उप स्वास्थ्य केंद्र में एक भी नर्स व चिकित्सक नहीं है। इस कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानी हो रही है। सबसे दुखद बात तो यह है कि ग्रामीणों की कोई सुनवाई भी नहीं हो रही है। इससे झुंझुनूं जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की सतर्कता की भी पोल खुलकर सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार गांव ख्याली में लम्बे समय से स्वास्थ्य केंद्र कागजों में ही चलता आ रहा था। अब इसके भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां आंगनबाड़ी में एक नर्स आया करती थी। स्वास्थ्य केंद्र के नाम पर आंगनबाड़ी में अब वह नर्स भी नहीं आ रही है। नागेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि कोई भी चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी नहीं होने से ख्याली में नागरिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। माह के अंतिम गुरुवार को कोई स्वास्थकर्मी टिका लगाने भी नहीं आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है। ख्याली के राहुल सिंह शेखावत ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि 22 फरवरी से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई भी नर्स, डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिल रहा है। इस संबंध में सरपंच प्रतिनिधि यज्ञपाल को अवगत करवाने पर उन्होंने 181 पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी। मलसीसर के मेडिकल ऑफिसर अनुज को अवगत करवाने पर उन्होंने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। अनुज ने कहा कि अन्य सभी चिकिसा कर्मी अपने स्थान पर ड्यूटी कर रहे हैं। अभी ख्याली में कोई नहीं आएगा। इस तरह यहां मेडिकल ऑफिसर अनुज लापरवाही की हद पार करते हुए मुख्यमंत्री की योजनाओं को फ्लॉप करने में लगे हुए हैं। अभी तक यह पता नहीं चला है कि मेडिकल ऑफिसर अनुज को किस चीज का नशा चढ़ा हुआ है, जो मुख्यमंत्री के निर्देशों की भी अवहेलना कर रहे हैं। यहां जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। जिला प्रशासन की आंखें भी नहीं खुल रही हैं। कुल मिलाकर ख्याली गांव के लोगों का कोई धणी धोरी नहीं है।

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