CHURU- लोहिया महाविद्यालय चूरू के एनएसएस स्वयसेवकों ने विश्व आद्रभूमि दिवस के अवसर पर ताल छापर अभ्यारण्य में भ्रमण किया ।
वन विभाग,चूरू द्वारा व जिला वन अधिकारी सविता दहिया की पहल एवं जिला समन्वयक डॉ जे बी खान की प्रेरणा से प्रथम बार आद्रभूमि दिवस समारोह के अवसर पर छापर स्थित मशहूर गांधी सागर, चेतोलाई तालाब एवं अभ्यारण में विदेशों से आए प्रवासी पक्षियों का अवलोकन किया। इस दौरान पूर्व डीएफओ व राज्य वन बोर्ड के सदस्य सूरत सिंह पूनिया ने बच्चों को पक्षियों को पहचान करने के तरीके बताए व साथ ही वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में संभावनाओं के बारे में भी बताया । राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला समन्वयक एवं वनस्पति विज्ञान विषय के सह आचार्य डॉ जे बी खान ने स्वयंसेवको को अभ्यारण की वनस्पतियों की जानकारी दी और बताया कि इस अभ्यारण में काले हिरणों के चरने के लिए लगभग 20 प्रकार की घास की प्रजातियां पाई जाती है एवं एक प्रजाति मुख्य रूप से अस्सी प्रतिशत हिस्से में उगती है। एन एस एस प्रभारी शान्तनु डाबी ने काले हिरणों के जीवन चक्र के बारे में बताया। कार्यक्रम अधिकारी मो जावेद खान व लालचन्द चाहर ने अभ्यारण एवं वेटलैंड की जानकारी स्वयंसेवको को प्रदान की।
इससे पहले स्वयंसेवकों ने संयुक्त मिशन के तहत दोनों तालाबों के चारों ओर फैले हुए प्लास्टिक कचरे को एकत्रित करके प्लास्टिक मुक्त चूरू मिशन में अपना योगदान दिया। अभ्यारण के प्रभारी अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ ने भृमण के लिए एवं प्रकृति से जुड़ने के लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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