चूरू । विश्वकर्मा मंदिर प्रांगण में प्रो. आईआर जांगिड़ व पत्नी विमलादेवी जांगिड़ की छठवीं पुण्यतिथि पर सर्वसमाज के प्रबुद्धजनों ने पुष्प अर्पित कर सच्ची श्रद्धाजंलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत नवरत्नगिरी खांसोली ने की। मुख्य अतिथि डॉ ओपी बंसिया व पूर्व प्रो. भगत सिंह सारण । विशिष्ट अतिथि प्रकाश राजोतिया, मोहनलाल शर्मा, शहीद पिता सहीराम नैन गौरीसर, कानसिंह एडवोकेट, ओमप्रकाश जांगिङ़, पूर्व जिशिअ ओम सारस्वत, प्रधानाध्यापक शिवशंकर रहे। गाँव गौरीसर से मूलाराम, बजरंगलाल,उदाराम, नेताराम,मुरारीलाल, बल्लू खां, मांगीलाल, गोपीराम, मनोज, जगदीश, राजेन्द्र, मनोज उपस्थित हुए।कार्यक्रम में मोहन सिंह के शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। दीपक व बजरंग ने आगन्तुकों का स्वागत किया। संचालन बैजूराम जांगिड़ ने किया । द्वितीय सत्र में पुस्तक फर्श से अर्श का सफर का वक्ताओं ने विमोचन किया। वक्ताओं ने पुस्तक के महत्व संदेश व उनके बताए मार्ग पर चलने की संकल्प लिया। कार्यक्रम में चिड़ावा बीकानेर, नवलगढ़, चूरु, रतनगढ़, लधासर व गौरीसर के सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने महत्ती भागीदारी निभाई । बुद्धरमल, मंजू, सुमन, डॉ. एसके शर्मा, घनश्यामचन्द्र, राजेन्द्र प्रसाद चिड़ावा, जितेन्द्र प्रसाद, दक्ष, यश, आदित्य उपस्थित रहे ।

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