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जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा व पुलिस अधीक्षक जय यादव ने की आमजन से अपील

 





ऑपरेशन ‘अभ्यास‘ के दौरान आमजन करें सहयोग, सायरन बजने पर करें लाइटें बंद, जिला कलक्टर ने कहा - यह सीखने का अवसर, एसपी यादव ने कहा- हम सभी करें सहयोग, मॉक ड्रिल के दौरान घबराए नहीं, सक्रिय भागीदारी निभाएं

 

चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा व पुलिस अधीक्षक जय यादव ने वीडियो संदेश जारी कर जिले में 07 मई को प्रस्तावित ऑपरेशन ‘ अभ्यास‘ अंतर्गत ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान सहयोग करने की अपील की है। 


जिला कलक्टर सुराणा ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए पूरे देश में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन नागरिकों को युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करना व शिक्षित करना है। समस्त जिलेवासी मॉक ड्रिल में अपेक्षित सहयोग करें। 

सुराणा ने कहा कि राष्ट्रव्यापी अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विभागीय समन्वय की कसौटी पर खरा उतरने का पूर्वाभ्यास है, जिसमें गांव स्तर तक सभी लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है।


उन्होंने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य न केवल आपदा के समय प्रशासन की तैयारियों को परखना है, बल्कि आम नागरिकों, विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करना भी है।


उन्होंने समस्त जिलेवासियों से अपील की है कि सभी अपना अपेक्षित सहयोग करें। अपने क्षेत्र में 

सायरन व हूटर की आवाज सुनते ही घरों, दुकानों, उद्योगों, वाहनों की लाइटें बंद कर दें। यह युद्ध परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जाने वाला अभ्यास है। हम सभी इसमें सहयोग करें तथा युद्ध परिस्थितियों के मध्य नजर अपनी तैयारियां मुस्तैद रखें।


पुलिस अधीक्षक जय यादव ने कहा कि सभी नागरिक मॉक ड्रिल में अपना अपेक्षित सहयोग दें। जिलेवासी सायरन, हूटर आदि की आवाज सुनते ही सभी होटल, दुकानों, बस स्टैंड, वाहनों, उद्योगों में अपनी लाइट बंद करें। खिड़कियों आदि पर काले पर्दे आदि लगाएं ताकि रोशनी न दिखे। पंखे, कूलर आदि चलाए जा सकते हैं। 


उन्होंने कहा कि युद्ध परिस्थितियों के लिए शिक्षित किए जाने के लिए यह मॉक ड्रिल किया जा रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं। इस दौरान की जाने वाली गतिविधियों के बारे में अपने परिवेश के लोगों को भी जागरूक करें।   हम सभी इसकी गंभीरता को समझें तथा सक्रिय भागीदारी निभाते हुए राष्ट्रहित को देखते हुए अपेक्षित सहयोग करें।


मॉक ड्रिल के दौरान “लाइट बंद” करने की अपील, जिलेवासियों से सहयोग अपेक्षित


आपातकालीन परिस्थितियों के लिए पूर्वाभ्यास, यह करें, यह न करें


चूरू, 06 मई। जिले में बुधवार, 07 मई को प्रस्तावित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान आमजन से सहयोग करने की अपील की गई है। सभी जिलेवासी करीब 15 से 20 मिनट तक चलने वाली इस मॉक ड्रिल के दौरान की जाने वाली गतिविधियों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा परिवेश के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। 

सम्पूर्ण जिले में बुधवार को ऑपरेशन ‘अभ्यास‘ अंतर्गत ब्लैकआउट मॉक ड्रिल  किया जाएगा। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान हमारी सामूहिक तैयारी, समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता को परखना है।

यह मॉक ड्रिल केवल अभ्यास है, घबराएं नहीं। सभी नागरिकों से सहयोग अपेक्षित है ताकि किसी भी आपात स्थिति से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।


यह करें

मॉक ड्रिल के दौरान सभी क्षेत्रों में सायरन व हूटर बजेंगे। विभिन्न मंदिर, मस्जिदों, वाहनों आदि के माध्यम से सायरन बजने की आवाज होने पर सभी नागरिक यथास्थिति में अपने घरों, दुकानों, होटलों, भवनों, वाहनों, कार्यालय या किसी भी परिसर की सभी लाइटें स्वेच्छा से बंद करें। अपने परिवार, पड़ोसियों और मित्रों को भी इस गतिविधि के बारे में जागरूक करें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर काले पर्दे या कवर लगाएं ताकि रोशनी बाहर न जाए। वाहन चलाते समय हेडलाइट्स का प्रयोग न करें, जब तक आवश्यक न हो। अफवाहों से बचें तथा सटीक जानकारी सुनें व प्रसारित करें।

ड्रिल के समय निर्धारित समय पर सभी बिजली के उपकरण बंद करें। स्थानीय प्रशासन/पुलिस द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। ड्रिल के समय शांत रहें व अफवाहों से बचें। आपातकालीन सेवाओं (जैसे एंबुलेंस, पुलिस, अग्निशमन) की सहायता के लिए रास्ता खुला रखें। ब्लैकआउट के दौरान टॉर्च या बैटरी से चलने वाले उपकरण साथ रखें। गांव व मोहल्लों में चौकसी रखें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें। शिक्षण संस्थानों और छात्रों को पूर्व सूचना देकर अभ्यास में सम्मिलित करें।  ड्रिल समाप्ति की सूचना के बाद ही सामान्य स्थिति में लौटें।


यह न करें

सायरन व हूटर की आवाज सुनकर घबराएं नहीं। किसी प्रकार की भगदड़ आदि न हो। किसी प्रकार से रोशनी का प्रयोग न करें। ड्रिल के दौरान मोबाइल की फ्लैश लाइट या वाहन की हेडलाइट का अनावश्यक प्रयोग न करें। अफवाहें न फैलाएं और न ही सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी शेयर करें। ड्रिल के समय बाहर अनावश्यक रूप से घूमने से बचें। आपातकालीन सेवाओं में बाधा न डालें। भीड़ इकट्ठी न करें और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी प्रकार की आतिशबाजी, तेज आवाज वाले उपकरणों या ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न करें। ड्रिल को हल्के में न लें, यह आपकी सुरक्षा के लिए है। गांवों में भ्रम फैलाने वाली कहानियों या अंधविश्वास से बचें। लोगों को डराने या भयभीत करने की कोशिश न करें। प्रशासन के दिशा-निर्देशों की अवहेलना न करें।

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