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पंजाब कि तरह राजस्थान में भी विधायकों की पेंशन फार्मूले में बदलाव करना चाहिए


एक एमएलए एक पेंशन लागु होनी चाहिए, कोई कितनी भी बार एमएलए बने पेंशन एक बार के कार्यकाल की ही मिलनी चाहिए

चूरू। पंजाब कि तरह राजस्थान में भी विधायकों की पेंशन फार्मूले में बदलाव करना चाहिए। एक एमएलए एक पेंशन लागु होनी चाहिए, कोई कितनी भी बार एमएलए बने, पेंशन एक बार के कार्यकाल की ही मिलनी चाहिये।  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सत्ता संभालने के साथ ही ऐसे़े निर्णय लिये हैं। सीएम भगवंत मान ने विधायकों के पेंशन फॉर्मूले में बदलाव को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इसी प्रकार राजस्थान में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को ऐसा कदम उठाना चाहिये। जिससे सरकार पर आर्थीक बार भी नही पड़ेगा ओर जनता का पैसा जनता में जायेगा। अगर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ऐसा निर्णय करते है तो विधायकों को एक बार पेंशन मिलेगा। अभी राजस्थान में कोई भी विधायक जितनी बार विधायक बनता है उसको पेंशन की राशि उसमें जुड़ती जाती है। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा उन्हीं पर खर्च होना चाहिए, ना कि नेताओं पर। चुनावो में विधायक हाथ जोड़कर वोट मांगते हैं, लेकिन बहुत सारे विधायक तीन बार जीते, चार बार जीते 6 बार जीते। उन्हें हर महीने लाखों रुपए की पेंशन मिलती है। जिससे सरकार का आर्थिक भार बढ़ता ही जा रहा है। अब मुख्यमंत्री अशो गहलोत को भी पंजाब की तरह राजस्थान में विधायको के पेंशन को लेकर निर्णय करना चाहिए।



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