मेघालय के राज्यपाल मलिक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी झाझड़िया ने जागृति शताब्दी महोत्सव में लिया भाग
स्वामी केशवानंद अकादमी का किया वर्चुअल उद्घाटन
सरदारशहर। मुन्नालाल राव
जाट विकास संस्थान की और से मंगलवार को जाट जागृति शताब्दी महोत्सव व प्रतिभा सम्मान समारोह रखा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल सिंह मलिक व पैराओलंपिक देवेंद्र झाझड़िया, केशवानंद संस्था संचालक माधोदास सहित कई प्रमुख लोगों ने सभा को संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल मलिक ने मृत्यु भोज व दहेज आदि कुरीतियों पर प्रहार करते हुए समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल दिया और अपने जीवन के अनेक अनुभव साझाकर समाज को एकजुट रहने का आवाहन किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जाट विकास संस्थान के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग टीमें बनाकर अपनी अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतया निर्वहन किया। कार्यक्रम में लोगों के बैठने सहित पानी, भोजन आदि की माकूल व्यवस्था की गई।
समारोह में विगत एक वर्ष में राजकीय सेवा में चयन, शिक्षा, खेल, कृषि क्षेत्र व पर्यावरण क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह सुबह 10 बजे से शुरू हुआ जिसमें दोपहर दोपहर 2:00 बजे तक अनेक कार्यक्रम हुए । समारोह में पालिकाध्यक्ष राजकरण चौधरी, कर्मा बाई महिला संस्थान की अध्यक्ष अल्का चौधरी, डॉ भरत ओला, प्रेम सिंह सिहाग, क्रांतिकारी विचारक डॉ अरविंद भास्कर, प्रोफेसर श्यामसुंदर ज्याणी, जाट महासभा प्रदेशाध्यक्ष राजाराम मील, पूर्व प्रधान पूसाराम गोदारा सुजानगढ़, सुचित्रा आर्य विधायक नोहर, पूर्व जिला प्रमुख हरलाल सहारण, दीपचंद राहड़ प्रधान चुरू, विधायक नरेंद्र बुडानिया, संजय कस्वां प्रधान तारानगर सहित अनेक नेता व जाट समाज के गणमान्य जनों ने सभा को संबोधित करते हुये समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने व कुरीतियों को दूर भगाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शिवचंद सहू, भूमि विकास बैंक चेयरमैन ईशरराम डूडी, एडवोकेट महेंद्र सिंवर,पूर्व उप प्रधान तारचंद सारण, सोहनलाल जाखड़, शिक्षक नेता विजय पोटलिया,धनपत चौधरी, प्रभुराम पूनिया, पूर्व सरपंच देवीलाल साडासर, बलदेव सारण, रामेश्वरलाल पूनिया,डॉ सत्यनारायण झाझड़िया,प्रसांत चाहर, जिला परिषद सदस्य शीशपाल सारण,डॉ भरत सारण, सरपंच सुरेंद्र सारण, कृष्ण कुमार सारण, पूर्व सरपंच महेंद्र सिहाग,रामजस चाहर, संदीप पोटलिया,संजय भंवरिया,मदन ढाका, आदि ने प्रमुख जिम्मेदारी निभाई।
कार्यक्रम में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की माकूल व्यवस्था रही। इस दौरान जाटों के इतिहास पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया।
एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ