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राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए वर्ल्ड रिकॉर्डधारी आजाद सिंह ने जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

 


सुमेर सिंह राव



उदयपुरवाटी / गुढ़ागौड़जी

 राजस्थानी भाषा को मान्यता व संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर बड़ागांव के वर्ल्ड रिकॉर्डधारी मेजर सूबेदार आजाद सिंह पर फुटबॉल रखकर झुंझुनूं जिला कलेक्टर से मिले तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन दिया।शेखावत अगले सप्ताह साइकिल पर जयपुर जाकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे।इन्होंने बताया कि यह भाषा लगातार उपेक्षाओं का शिकार हो रही हैं।वर्ष 2003 में राजस्थान विधानसभा द्वारा सर्व सम्मति संवैधानिक मान्यता का प्रस्ताव पास करके केंद्र सरकार को भेजा था परन्तु अभी तक इसे राजभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ है।इनका कहना है कि राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिलने से मायड़ भाषा को ही उसका सम्मान नही मिल रहा है।जिसके चलते यह भाषा जन जन से कटती जा रही है।इसको जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजस्थानी सिनेमा ने भी दम तोड़ दिया है।आज नई पीढ़ी के लिए हमारी मातृभाषा आन बान शान की प्रतीक न होकर पिछड़ेपन की बोली रह गई है।समय रहते यदि मान्यता नहीं मिली तो आने वाले समय में यह भाषा अतीत बनकर रह जाएगी। इस दौरान पंस सदस्य रामनिवास, पूर्णसिंह शेखावत, एडवोकेट राजेन्द्र सिंह शेखावत आदि मौजूद थे।

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