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अधिक से अधिक परिवादी राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा उठाये

  अधिक से अधिक परिवादी राष्ट्रीय लोक अदालत का फायदा उठाये ः मीणा

सीकर 21 फरवरी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव धर्मराम मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 मार्च 2022 को जिला मुख्यालय एवं समस्त तालुका विधिक सेवा समितियों पर किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत सस्ता, शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्राप्त करने के लिए प्रकरणों को लोक अदालत में रखवाया जा सकता है। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव धर्मराज मीणा ने बताया कि सीकर न्यायक्षेत्र में लोक अदालत द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों जैसे एनआईएक्ट प्रकरण, धन वसूली के प्रकरण, बिजली पानी एवं अन्य बिलो के भुगतान से संबंधित प्रकरण, भरण पोषण से संबंधित प्रकरण, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवादो के प्रकरण तथा राजीनामा योग्य अन्य प्रकरणों का निस्तारण किया जायेगा। 

उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर की ओर से जिले के न्याय क्षेत्र में लोक अदालत का आयोजन होगा जिसमें सभी राजीनामें योग्य मामले चिन्हित कर न्यायालयों द्वारा रखे जा रहे है जिसमें फोजदारी, सिविल के मामले है जो राजीनामें योग्य है। इस लोक अदालत में रेवेन्यू मामलों को भी रैवेन्यू कोर्ट द्वारा लोक अदालत में रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि इन पक्षकारों के माध्यम से जो राजीनामे योग्य प्रकरण है और उनका लम्बे समय से न्यायलयों में मामले लम्बित है तो इस लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करवाकर लाभ उठा सकते है। 

सचिव धर्मराज मीणा ने बताया कि लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा है कि इसके द्वारा जो मामला निर्णित होता है उनमें सिविल मामलों में पक्षकारों को कोर्ट फीस लौटा दी जाती है तथा न ही लोक अदालत में कोई पक्ष हारता है, नहीं कोई जीतता है क्योंकि दोनों की सहमती से इसमें निर्णय होता है। उन्होंने बताया कि निर्णय जब न्यायालय से होता है तो एक पक्ष जीतता है दूसरा हारता है तो दूसरा पक्ष उस मामलें को अपील कोर्ट में चुनौती देता है जिससे मामला लम्बा खींचता है ओर जब राजी नामें से मामला निपटता है तो उसके बीच आपसी सौहाद्र्ध बढ़ता है तथा समाज में एक जुटता आती है और उनके बीच में किसी भी प्रकार के गिले-शिकवे नहीं रहते है।  

उन्होंने बताया कि यह 2022 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत है। 12 मार्च को होने वाली  लोक अदालत में सीकर न्यायालयों में लगभग 68 हजार 368 मुकदमें लम्बित है इनमें से पारिवारिक न्यायालय के 1717 प्रकरण, एमएसीटी के 2663 प्रकरण , एनआईएक्ट 9385 के प्रकरण है। इसी प्रकार राजस्व न्यायालयों में 28 हजार 389 प्रकरण लम्बित है। उन्होंने बताया कि यदि पक्षकार राष्ट्रीय लोक अदालत में अपना पक्ष रखना चाहता है तो सबसे पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में सम्पर्क कर सकता है या ई-मेल, व्हाटस एप,  दूरभाष के माध्यम से सूचना दे सकता है जिससे उसका प्रकरण लोक अदालत में रखा जा सकेगा। 

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